हजारो की संख्या की तिरंगा यात्रा में जब सुरक्षा करने पुलिस नही पहुचीं,फिर खुद की सुरक्षा के पड़ने लगे लाले
हजारो की संख्या की तिरंगा यात्रा में जब सुरक्षा करने पुलिस नही पहुचीं,फिर खुद की सुरक्षा के पड़ने लगे लाले

भिण्ड: जिले में 15 अगस्त से पहले छात्रों ने तिरंगा यात्रा निकाली जिसमें पांच हजार के आसपास रहे,लेकिन इस यात्रा में सुरक्षा के लिए एक भी जवान नहीं पहुंचा• जिससे सभी छात्रों का गुस्सा आसमान पर चड़ गया,जिसके बाद छात्रों का हुजूम तिरंगा यात्रा के दौरान थाने की ओर मुड़ गया और फिर यहां थाना प्रभारी खिलाफ हंगामा शुरू करते हुए विरोध किया,छात्रों का कहना है,थाना प्रभारी तिरंगा यात्रा का निकालने के विरोध में थे।

दरसल फूप कस्बे में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के छात्रों ने 15 अगस्त से पहले एक बड़ी विशाल तिरंगा यात्रा निकालने का प्रोग्राम डिसाइड किया• इसके बाद उसकी तैयारी शुरू कर दी ऐसे में यह तिरंगा यात्रा कस्बे से होते हुए थाने के आगे जाकर इसका समापन किया गया• जिसमें करीबन 5000 के आसपास छात्र मौजूद रहे,ऐसे में सवाल यह इतनी बड़ी तादाद में तिरंगा यात्रा में एक भी पुलिस का जवान तैनात नहीं मिला• बस यही कारण विद्यार्थी परिषद के छात्र थाना प्रभारी पर नाराज हो गए और फिर यहां से तिरंगा यात्रा शुरू करने के बाद रास्ते में थाने के सामने रोक कर थाना प्रभारी मुर्दाबाद के नारे लगाए और कहा राष्ट्रद्रोही है, जब नाराजगी खत्म नहीं हुई तो आगे छात्र थाना के अंदर जाकर हंगामा कर विरोध किया।
थाने के अंदर हंगामा:
तिरंगा यात्रा निकालने के दौरान छात्रों ने करीबन थाना परिसर में घुसकर 30 मिनट तक विरोध प्रदर्शन कर हंगामा करते रहे,अहम बात तो यह है इसमें छोटे-छोटे स्कूल छात्र भी मौजूद रहे, खास बात यह है अगर कोई धक्का मुक्की होती तो एक बड़ा हादसा हो सकता था जिसका जिम्मेदार जवाब नहीं देते बनता
परमिशन मिलने के बाद नही दी सुरक्षा:
सूर्या भदोरिया का कहना है हमारे द्वारा एसडीएम से परमिशन भी ली गई थी इसके बावजूद भी थाना प्रभारी से बात हुई पहले तो वह तिरंगा यात्रा निकालने के खिलाफ में थे उसके बाद हम नहीं माने फिर भी निकले तो फिर उन्होंने जानबूझकर सुरक्षा के इंतजाम नहीं किया ऐसे में कोई बड़ी चूक होती तो इसके जिम्मेदार कौन होता इस मामले हमारी मांग है जो भी दोषी है उस पर कार्यवाही की जाए।

