
जिले के जमौरा गांव में पूर्व जनपद अध्यक्ष गुड्डू भदौरिया वेदों कन्याओं का हाथ पीले के कन्यादान लिया,आइये जानते कन्यादान से क्या लाभ होते है,
भिण्ड,जिले की अटेर विधानसभा क्षेत्र के जिला पंचायत सदस्य एवं पूर्व जनपद अध्यक्ष उमेश सिंह भदोरिया गुड्डू जमोरा एवं उनके छोटे भाई दुर्गेश सिंह भदोरिया ने ग्राम पंचायत जमोरा में दारा बाल्मिक की दो बेटियों का कन्यादान किया एब पीले हाथ कर शादी समारोह का कार्यक्रम बड़े धूमधाम से किया वही गुड्डू जमोरा ने कहा जिंदगी में एक बार कन्यादान करना बहुत जरूरी है मैं अपने आप को बड़ा भाग्यशाली मानता हूं आज अपने गांव में धारा वाल्मीकि बेटियों का कन्यादान करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ और कहा आपका भाई आपका बेटा आपके सुख में ना आए लेकिन दुख में आपके साथ खड़ा रहेगा इस मौके पर दुर्गेश भदोरिया,भानु भदोरिया जमोरा एवं समस्त ग्रामवासी मौजूद रह
कब से शुरू हुआ:
पौराणिक कथाओं के अनुसार प्रजापति दक्ष ने सबसे पहले अपनी कन्याओं का विवाह करने के बाद कन्यादान किया था। प्रजापति दक्ष की यूं तो कई पुत्रियां थीं लेकिन उनमें से प्रजापति की 27 पुत्रियों को नक्षत्र कहा गया है। जिनका विवाह चंद्रमा के साथ हुआ था। प्रजापति दक्ष ने ही सबसे पहले चंद्रमा को अपनी सभी पुत्रियों को सौंपा था जिससे कि सृष्टि का संचालन सुचारू रूप से हो सके।
ये पुण्य मिलता है:हिंदू विवाह में कुल 22 चरण होते हैं। कन्यादान को इसमें सबसे महत्वपूर्ण माना गया है। इस संस्कार में अग्नि को साक्षी मानकर लड़की का पिता अपनी बेटी के गोत्र का दान करता है। इसके बाद बेटी अपने पिता का गोत्र छोड़कर पति के गोत्र में प्रवेश करती है। कन्यादान हर पिता का धार्मिक कर्तव्य है। इस संस्कार के दौरान मंत्रोच्चारण के समय पिता होने वाले दामाद से वचन लेता है कि आज से वो उसकी बेटी की सभी ख़ुशियों का ध्यान रखेगा।



