हिंदू धर्म मे अक्सर लोग भंडारा करते है,लोग उसको आसानी से ग्रहण भी करते है ये सनातन धर्म में ही नहीं बल्कि सिख धर्म में भी लंगर रखा जाता है जिसे लोग जब भी जाते है तो ग्रहण करने चले जाते है. लंगर या भंडारे का खाना प्रसाद होता है. इसलिए इसे खाना अच्छा और लाभदायक माना जाता है.क्या आपको पता है भंडारा हर किसी को नही ग्रहण करना चाहिए,आज हम इस खबर में आपको बताने वाले भड़ारा किन किन लोगो को नही खाना चाहिए
कथा वाचक देवकीनंदन बताते है कि भंडारा ग्रहण करने से उसे व्यक्ति को दोष लग जाता है जो भंडारा जगह-जगह दिखने पर करने बैठ जाता है देवकीनंदन बताते हैं भंडारा करने वाले व्यक्ति आपना पाप को बाटने के लिये भंडारा किया जाता हे हमे जान लेना अवश्याक हे कि हमे किेस जगर करना हे किस जगह नही करना है हमारे ग्रन्थ भी बताते हे कि के माध्यम से ग्रहण करता है उसके पाप आप लोगो के ग्रहण करने के साथ आप सब मे बट जाता है,इसलिए अक्सर ब्राह्मण लोग काष्ठ दूर करने के लिए ब्रह्मभोज कराने को कहते है,भंडारा ग्रहण करने से शरीर में समस्या शुरू हो जाती है. ऐसे व्यक्ति के घर में अन्न का अभाव पड़ने लगता है. ऐसा भी माना जाता है कि किसी काबिल व्यक्ति के भंडारे में रखा अन्न खाने से मां लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं. इससे आपको आर्थिक तंगी आणि शुरू हो जाती है.
केसे करे बचाव
अगर आपका निमंत्रण आया और भोजन करने चले गए तो कोई बात नही बेसे हमारा धर्म कहता दुख और कष्टो का हम लोगो को आपस मे बांटना चाहिये आप भोजन करने के बाद आप अपने उपर भार उतारने के लिये साल मे एक बार भंडारा करो देना रचाहिये इससे आपके उपर दोष नही रहता है
ब्राह्मण को भोजन कराने से क्यों नही लगता दोष,
ग्रँथ बताते है जब भी धार्मिक शुभ अशुभ कार्य होते है तो ब्राह्मण को भोजन कराते है,अशुभ का किया हुआ भोजन उन पर क्यों दोष नही लगता,धार्मिक ग्रन्थों के अनुसार उन ब्राह्मण को भोजन कराना फल दायी होता जो सनातन धर्म का ज्ञान हो और सभी इंद्रियां को काबू में रखता है,भगवान की पुजा में लीन होता हो ऐसे ब्राह्मण जब भोजन करने जाते है तो उसका दोष सीधे परमात्मा अपने ऊपर ले जाते है उस ब्राह्मण को दोष नही लगता है इसलिए ऐसे ब्राह्मण को कभी कोई परेशानी नही होती
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